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गुलाबी शहर, गुलाबी हाथी, गुलाबी लड़की और रूसी फोटोग्राफर: कला या क्रूरता

जयपुर में गुलाबी रंग से रंगे हाथी पर फोटोशूट का विवाद: रूसी फोटोग्राफर पर उठे सवाल

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक रूसी फोटोग्राफर द्वारा फोटोशूट के लिए एक हाथी को गुलाबी रंग से रंगने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस घटना को लेकर लोगों और पशु-अधिकार कार्यकर्ताओं ने कड़ी नाराजगी जताई है और इसे जानवरों के साथ क्रूरता करार दिया है।

मामले में शामिल फोटोग्राफर की पहचान Julia Buruleva के रूप में हुई है, जिन्होंने जयपुर में एक आर्ट प्रोजेक्ट के तहत यह फोटोशूट कराया था।

Model Yashasvi with the elephant named Chanchal. (Source: Social Media)

मॉडल को हाथी पर बैठाकर कराया गया फोटोशूट

वायरल तस्वीरों और वीडियो में देखा गया कि एक मॉडल को उसी गुलाबी रंग से रंगे हाथी के ऊपर बैठाकर फोटोशूट कराया गया। बताया जा रहा है कि यह फोटोशूट जयपुर के एक मंदिर परिसर के पास किया गया था।

फोटोग्राफर ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्होंने जयपुर के रंगों और संस्कृति से प्रेरित होकर “गुलाबी हाथी” का कॉन्सेप्ट तैयार किया था और राजस्थान की पहचान के रूप में हाथी को अपने प्रोजेक्ट में शामिल करना चाहती थीं। उन्होंने आगे कहा की मॉडल ढूँढ़ना आसान नहीं था। भारत के रूढ़िवादी समाज में, किसी ऐसे व्यक्ति को ढूँढ़ना जो छोटे कपड़ें बेझिझक पहन ले और गुलाबी रंग से रंगे जाने को तैयार हो, काफ़ी मुश्किल काम था। मैंने दर्जनों मॉडलों को मैसेज किए, लगभग किसी ने भी सहमति नहीं दी। यहाँ तक कि जिन्हें यह विचार पसंद आया, उन्होंने भी कहा, “मेरा परिवार इसे नहीं समझेगा।” फिर उनकी मुलाक़ात यशसवी से हुई, जो सचमुच बहादुर और बेबाक हैं।

सोशल मीडिया पर भड़का आक्रोश

जैसे ही यह वीडियो और तस्वीरें इंटरनेट पर वायरल हुईं, सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने कहा कि: जानवर कोई “प्रॉप” नहीं होते, कला के नाम पर जानवरों का इस्तेमाल गलत है, इस तरह की गतिविधि पशु क्रूरता की श्रेणी में आती है और कई पशु-अधिकार संगठनों ने भी इस घटना की निंदा की और जांच की मांग उठाई।

वन विभाग ने शुरू की जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग के अधिकारियों ने इस पूरे फोटोशूट की जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक जिस हाथी का इस्तेमाल फोटोशूट में किया गया वह करीब 65 वर्ष का बताया जा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि यदि पशु संरक्षण कानूनों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

Russian photographer Julia Buruleva with her pink model and elephant clicking photographs. (Source: Social Media)

फोटोग्राफर का दावा: ऑर्गेनिक रंग का किया गया इस्तेमाल

फोटोग्राफर जूलिया बुरूलेव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में मेन्शन करते हुए कहा कि फोटोशूट के दौरान हाथी पर ऑर्गेनिक और सुरक्षित रंग का इस्तेमाल किया गया था और जानवर को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया। आपको बात दें की रूसी फोटोग्राफर ने पहले ही कहा है की इस फोटोशूट के दौरान इसमे इस्तेमाल किए गए हाथी का पूरा ध्यान रखा गया है और उन्ही ऑर्गेनिक रंगों का उपयोग किया गया है जो राजस्थान के लोग त्याहरों में इन जानवरों को सजाने के लिए उपयोग करते है। जिनसे इन्हे किसी भी प्रकार का कोई खतरा नहीं है।

हालांकि इसके बावजूद सोशल मीडिया पर बहस जारी है कि क्या कला और क्रिएटिविटी के नाम पर जानवरों का इस तरह इस्तेमाल उचित है।

Model named Yashasvi getting ready for the pink photoshoot project in Jaipur. (Source: Social Media)

कला बनाम पशु अधिकार: शुरू हुई नई बहस

इस घटना के बाद एक बार फिर “कला बनाम पशु अधिकार” को लेकर बहस तेज हो गई है। कुछ लोग इसे क्रिएटिव एक्सप्रेशन बता रहे हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग इसे पशु क्रूरता मानते हुए कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि पर्यटन और फोटोशूट में जानवरों के उपयोग को लेकर स्पष्ट नियमों का पालन करना जरूरी है।

जयपुर में गुलाबी रंग से रंगे हाथी के साथ हुए इस फोटोशूट ने पूरे देश में बहस छेड़ दी है। फिलहाल वन विभाग मामले की जांच कर रहा है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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