पटना: बिहार में एलपीजी गैस की आपूर्ति और वितरण को लेकर बढ़ती शिकायतों के बीच प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए राजधानी Patna में एक विशेष एलपीजी कंट्रोल रूम (LPG Control Room) स्थापित किया गया है। इस कंट्रोल रूम के माध्यम से गैस सिलेंडर की कमी, डिलीवरी में देरी, अतिरिक्त वसूली या एजेंसियों की अनियमितताओं से जुड़ी शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाएगा।
जिला प्रशासन के अनुसार हाल के दिनों में कई जिलों से गैस सिलेंडर की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को लेकर शिकायतें सामने आई थीं। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन सेवा शुरू की गई है ताकि आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सके और गैस वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाया जा सके।
LPG शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर
प्रशासन ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए कई हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, जिन पर कॉल कर लोग अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
प्रमुख हेल्पलाइन नंबर
- LPG आपातकालीन हेल्पलाइन (लीकेज आदि): 1906
- ऑल इंडिया LPG ग्राहक सेवा नंबर: 1800-2333-555
- भारत गैस ग्राहक सेवा: 1800-22-4344
- बिहार लोक शिकायत हेल्पलाइन: 1800-345-6284
इन नंबरों के जरिए उपभोक्ता गैस सिलेंडर की डिलीवरी, सब्सिडी, बुकिंग, गैस लीकेज और एजेंसी से संबंधित शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
28 विशेष टीमें भी बनाई गईं
पटना जिला प्रशासन ने एलपीजी आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी के लिए 28 विशेष निरीक्षण दल (धावा दल) भी बनाए हैं। ये टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर गैस एजेंसियों की जांच करेंगी और यह सुनिश्चित करेंगी कि उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर मिल सके।
इसके अलावा शहर को तीन अलग-अलग सेक्टरों में बांटा गया है ताकि गैस वितरण व्यवस्था को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सके और शिकायतों का तुरंत समाधान किया जा सके।
बिहार में LPG उपभोक्ताओं की संख्या
सरकारी आंकड़ों के अनुसार बिहार में LPG उपभोक्ताओं की संख्या पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है।
- राज्य में 1.7 करोड़ से अधिक LPG कनेक्शन हैं।
- इनमें से बड़ी संख्या Pradhan Mantri Ujjwala Yojana के तहत दिए गए कनेक्शनों की है।
- ग्रामीण क्षेत्रों में उज्ज्वला योजना के बाद गैस की मांग तेजी से बढ़ी है।
गैस कनेक्शन बढ़ने के साथ-साथ वितरण व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ा है, जिसके कारण कई जिलों में कभी-कभी सिलेंडर की कमी और डिलीवरी में देरी की शिकायतें सामने आती हैं।

किन समस्याओं की कर सकते हैं शिकायत
कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन के माध्यम से उपभोक्ता निम्नलिखित समस्याओं की शिकायत कर सकते हैं:
- गैस सिलेंडर की डिलीवरी में देरी
- निर्धारित कीमत से अधिक पैसे की मांग
- गैस बुकिंग के बाद भी सिलेंडर न मिलना
- गैस एजेंसी की लापरवाही
- घरेलू एलपीजी का व्यावसायिक उपयोग
- गैस लीकेज या सुरक्षा से जुड़ी समस्या
प्रशासन का कहना है कि हर शिकायत को दर्ज कर उसका ट्रैकिंग नंबर दिया जाएगा और संबंधित एजेंसी या तेल कंपनी को कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा चुनौतियां
विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार के ग्रामीण इलाकों में LPG वितरण से जुड़ी समस्याएं अपेक्षाकृत ज्यादा हैं।
कई गांवों में गैस एजेंसी काफी दूर होने के कारण डिलीवरी में देरी हो जाती है। इसके अलावा परिवहन और लॉजिस्टिक समस्याओं के कारण भी सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होती है।
सरकार का कहना है कि कंट्रोल रूम के जरिए ऐसी समस्याओं की पहचान कर संबंधित जिलों में सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
तेल कंपनियों को भी दिए गए निर्देश
प्रशासन ने इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी तेल कंपनियों को भी निर्देश दिया है कि वे गैस वितरण प्रणाली को मजबूत करें।
गैस एजेंसियों को भी स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि उपभोक्ताओं से किसी भी प्रकार की अतिरिक्त वसूली या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यदि किसी एजेंसी के खिलाफ लगातार शिकायतें मिलती हैं तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।

उपभोक्ताओं के लिए क्या बदलेगा
इस नई व्यवस्था से आम उपभोक्ताओं को कई तरह के फायदे मिलने की उम्मीद है।
- शिकायत दर्ज कराने के लिए अब गैस एजेंसी के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे
- हेल्पलाइन के माध्यम से सीधे प्रशासन तक बात पहुंचाई जा सकेगी
- शिकायतों का समयबद्ध समाधान होगा
- गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी
प्रशासन का मानना है कि इससे LPG आपूर्ति व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा और उपभोक्ताओं का भरोसा भी बढ़ेगा।
बिहार सरकार द्वारा पटना में LPG कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन सेवा शुरू करना उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
गैस सिलेंडर आज लगभग हर घर की जरूरत बन चुका है। ऐसे में इसकी आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा सीधे आम लोगों के जीवन को प्रभावित करती है।
सरकार को उम्मीद है कि इस नई व्यवस्था के जरिए एलपीजी वितरण से जुड़ी शिकायतों का तेजी से समाधान होगा और पूरे राज्य में गैस आपूर्ति व्यवस्था अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनेगी।

